Sunday, April 14, 2019

RAM KATHA

उससमयकाप्रसंगहैजबकेवटभगवानकेचरणधोरहाहै।
बड़ासुन्दरदृश्य_है।।
भगवान का एक पैर धोताऔर उसे निकालकर कठौती से बाहर रख देता है।
और जब दूसरा धोने लगता है तो पहला वाला पैर गीला होने से जमीन पर रखने से धूल भरा हो जाता है।
केवट दूसरा पैर बाहर रखता है फिर पहले वाले को धोता है।
एक-एक पैर को बार  बार धोता है,
कहता है:-
प्रभु एक पैर कठौती मे रखिये। ओर दूसरा मेरे हाथ पर रखिये ताकि मैला ना हो।
जब भगवान ऐसा करते है तो जरा सोचिये
क्या स्थिति होगी???
यदि एक पैर कठौती में है तो दूसरा केवट के
हाथों में!!
भगवानदोनोंपैरोंसेखड़ेनहींहोपातेबोले:-
केवटमैं  गिर_जाऊँगा??
केवटबोला:चिंताक्योंकरतेहोप्रभु
दोनोंहाथोंकोमेरेसिरपररखकरखड़ेहोजाईयेफिरनहींगिरेंगे!!
जैसे छोटे बच्चे को जब उसकी माँ उसे स्नान कराती है;
तो बच्चा माँ के सिर पर हाथ रखकर खड़ा हो जाता है!
भगवान भी आज वैसे ही खड़े हैं।।
भगवान केवट से बोले:- भईया केवट,
मेरे अंदर का अभिमान आज टूट गया।।
केवट बोला:- प्रभु....! आप यह क्या कह रहे हैं???
भगवान बोले - सच कह रहा हूँ केवट ;अभी तक मेरे अंदर अभिमान था.
कि मैं भक्तो को गिरने से बचाता हूँ पर आज पता चला कि भक्त भी भगवान को गिरने से बचाता है ।।



यह राम कथा का  किसी ने भेजी थी 

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